4 thoughts on “Lyrics

  1. मलाई चाहीएको गर्ब गीता नेपालमा , र एउटा भजन• “आफुलाई जानु छ छोड़ी “

    1. आरती ॐ जय जगदीश हरे
      ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
      भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश…

      जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का।
      सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय जगदीश…

      मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
      तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी॥ ॐ जय जगदीश…

      तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतरयामी।
      पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥ ॐ जय जगदीश…

      तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
      मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय जगदीश…

      तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
      किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश…

      दीनबंधु दुखहर्ता, तुम रक्षक मेरे।
      करुणा हाथ बढ़ाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय जगदीश…

      विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
      श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय जगदीश…

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